Saturday, February 21, 2026

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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध | Beti Bachao Beti Padhao Nibandh in Hindi

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध | Beti Bachao Beti Padhao Nibandh in Hindi 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध (Beti Bachao Beti Padhao Nibandh) इस इस प्रकार है, इस निबंध में अभियान का महत्व, उद्देश्य, आवश्यकता और समाज में बेटी की भूमिका को मानवीय स्पर्श के साथ समझाया गया है। बेटी बचाओ बेटी बचाओ क्यों अति आवश्यक है –

प्रस्तावना

भारत जैसे देश में बेटी केवल परिवार की सदस्य नहीं, बल्कि घर की आन, शान और पहचान होती है। वह जन्म से लेकर जीवन के हर पड़ाव में प्रेम, संस्कार, सहनशीलता और जिम्मेदारी की मिसाल पेश करती है।
इसके बावजूद सदियों से बेटियों ने समाज में भेदभाव, तिरस्कार और असमानता का सामना किया है।

इसी मानसिकता को बदलने और बेटियों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा लाने के लिए भारत सरकार ने एक बहुत महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया—

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान।”

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान क्या है?

“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” का मतलब सिर्फ बेटियों को बचाना और पढ़ाना भर नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक जागरण है।

इसका उद्देश्य है—

  • बेटियों को जन्म से पहले और बाद में सुरक्षा देना
  • उनको बराबरी का अधिकार देना
  • शिक्षा के अवसर बढ़ाना
  • समाज की मानसिकता बदलना
  • लिंगानुपात में सुधार करना

भारत में कई वर्षों से लड़कियों के जन्म में लगातार कमी दर्ज की जा रही थी, क्योंकि भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाएँ समाज में फैली थीं।
इन्हीं समस्याओं को रोकने के लिए वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस अभियान की शुरुआत की।

बेटियों को बचाना क्यों जरूरी हो गया?

आज भी कई परिवारों में बेटे को वंश का चिराग माना जाता है, जबकि बेटी को पराया धन समझा जाता है।
दहेज, गरीबी, अशिक्षा और सामाजिक दबाव जैसे कारणों से लोग बेटियों के जन्म को बोझ समझते थे।

इसका प्रभाव जनसंख्या पर भी दिखाई देने लगा—

  • 1991 से 2011 तक लड़कियों की संख्या लगातार घटती चली गई
  • मनोवैज्ञानिक और सामाजिक असंतुलन बढ़ने लगा

सरकार और समाज दोनों को महसूस हुआ कि अगर बेटियाँ सुरक्षित नहीं होंगी, तो भविष्य असुरक्षित हो जाएगा।
इसलिए इस आंदोलन की शुरुआत केवल ज़रूरी ही नहीं, अत्यावश्यक थी।

बेटी पढ़ाना क्यों महत्वपूर्ण है?

शिक्षा किसी भी इंसान का सबसे बड़ा हथियार है।
एक शिक्षित बेटी—

  • अपने अधिकारों को समझती है
  • अपने ऊपर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाती है
  • परिवार के साथ–साथ समाज को भी आगे बढ़ाती है
  • देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है

आज भारत की बेटियाँ हर क्षेत्र में चमक रही हैं—
डॉक्टर, वैज्ञानिक, पायलट, इंजीनियर, खिलाड़ी, मंत्री, पुलिस अधिकारी और यहाँ तक कि राष्ट्रपति तक के पद पर पहुँची हैं।

फिर सवाल उठता है—
क्या बेटी सिर्फ इसलिए कमजोर है क्योंकि समाज उसे कमजोर समझता है?
नहीं।
वह उतनी ही मजबूत है, जितना उसे विश्वास दिया जाए।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की प्रमुख बातें

✔ 1. भ्रूण हत्या पर सख्त रोक

1994 के कानून—”पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम”—का कड़ाई से पालन कराया गया।

✔ 2. कन्या शिक्षा पर विशेष जोर

स्कॉलरशिप, स्कूल सुविधाएँ, मुफ्त किताबें, साइकिल योजना आदि शुरू की गईं।

✔ 3. लिंगानुपात सुधार

जिन राज्यों में बेटियों की संख्या बहुत कम थी, वहाँ विशेष कार्यक्रम चलाए गए।

✔ 4. समाज में जागरूकता

पोस्टर, नाटक, वीडियो, रैलियाँ और अभियान के माध्यम से मानसिकता में बदलाव की कोशिश।

✔ 5. सरकारी योजनाएँ

  • सुकन्या समृद्धि योजना
  • बेटी शिक्षा योजना
  • सुरक्षा और स्वास्थ्य योजनाएँ

बेटियों की स्थिति में आए बदलाव

इस अभियान का असर अब पूरे देश में दिखाई देने लगा है—

  • स्कूलों में लड़कियों का दाखिला बढ़ा
  • बाल विवाह की संख्या कम हुई
  • महिलाएँ रोजगार की तरफ अग्रसर हुई
  • ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेटियों को सम्मान मिलने लगा

आज हर क्षेत्र में बेटियाँ साबित कर रही हैं कि अवसर मिलने पर वे किसी से कम नहीं।

मानवीय भावनाओं से जुड़ा दृष्टिकोण

एक बेटी केवल किसी का बोझ नहीं होती, वह—

  • किसी की मुस्कान है
  • किसी का गौरव है
  • किसी का आश्रय है
  • किसी की आँखों की चमक है

जब एक बेटी जन्म लेती है, तो घर में सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि संस्कार और संस्कारों का भविष्य जन्म लेता है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सिर्फ एक अभियान नहीं है,
यह हर पिता की जिम्मेदारी, हर माँ का सपना, और पूरी समाज की नींव है।

उपसंहार (Beti bachao beti padhao essay in hindi)

हर बेटी इस दुनिया में उजाला लेकर आती है।
अगर उसे सही शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान दिया जाए तो वह अपने घर, समाज और देश—तीनों का भविष्य बदल सकती है।

इसलिए हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि बेटियों को बचाएँ, उन्हें पढ़ाएँ, और एक सुरक्षित भविष्य दें
यही समय है जब हम सोच बदलें, समाज बदलें और एक नया भारत बनाएं—जहाँ बेटियाँ डर के नहीं, गर्व के साथ जीवन जीएँ।

आशा है की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध (Beti Bachao Beti Padhao Nibandh) आपको पसंद आया होगा, यदि आप एक छात्र है और आपको इस विषय पर भाषण देना है या निबंध लिखना है तो आपके लिए यह लेख बहुत मददगार साबित होगा। इस लेख को अपने सहपाठिओं के साथ शेयर अवश्य करें, धन्यवाद!

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