दुनिया के इस शहर को 150 साल पहले क्यों कहा जाता था “सिटी ऑफ़ गोल्ड”
न्यूयॉर्क और लंदन आज भले ही दुनिया के सबसे अमीर देशों की सूची में सबसे ऊपर हो। लेकिन क्या आप जानते हैं एक समय था जब दक्षिण अफ्रीका का एक शहर दुनिया का सबसे अमीर शहर हुआ करता था। दक्षिण अफ्रीका के इस शहर का नाम है जोहान्सबर्ग। यह शहर दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा और सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है। हीरे और सोने की खानों के लिए प्रसिद्ध जोहान्सबर्ग को पहले ‘सिटी ऑफ़ गोल्ड’ यानी सोना उगलने वाला शहर कहा जाता था। करीब 150 साल पहले यहां की खदानों से दुनिया का 80 प्रतिशत सोना निकाला जाता था। लेकिन अब दक्षिण अफ्रीका के इसी शहर को दुनिया के सबसे खतरनाक शहरों में शुमार किया जाने लगा है। ऐसा कहा जाता है कि यह शहर अब अपराधियों का अड्डा बन चुका है।
चलिए जानते है कुछ खास बाते इस शहर के बारे में –
1. सोने की खदानें – इतिहास का अहम हिस्सा
जोहान्सबर्ग का इतिहास 1886 में शुरू हुआ, जब एक अंग्रेज़ जॉन जान्सी ने इस शहर में सोने की खदानों की खोज की थी। इसके बाद धीरे-धीरे दुनियाभर से लोग यहाँ बसने आने लगे, और उन्होंने सोने की खदानों में काम करना शुरू किया। सोने और हीरे की खदानों के कारण जोहान्सबर्ग एक आर्थिक हब बन गया और इसने दक्षिण अफ्रीका को बहुत अमीर बना दिया।
सोने की खदानें न सिर्फ़ आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण थीं, बल्कि इन्होंने इस शहर की पहचान भी बनाई। इस समय जोहान्सबर्ग का आकार तेजी से बढ़ा और यह एक वाणिज्यिक और व्यापारिक केंद्र बन गया।
2. मनोरंजन का केंद्र – गोल्ड रीफ सिटी
आजकल जोहान्सबर्ग में मनोरंजन के लिए गोल्ड रीफ सिटी एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है। यह एक थीम पार्क है, जो शहर के सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के पास स्थित है और यहां काम करने वाले कर्मचारी 1880 के दशक की पोशाक पहनकर घूमते हैं। इस पार्क में आपको पुराने समय के खदानों की धरोहर, खदान से सोना निकालने की प्रक्रिया और ऐतिहासिक मनोरंजन देखने को मिलता है।
गोल्ड रीफ सिटी एक तरह से जोहान्सबर्ग के सोने की खदानों के इतिहास को जीवित रखता है और यह शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है।
3. इमारतों की वास्तुकला – 1880 के समय की छाप
जोहान्सबर्ग की इमारतों की बनावट भी उसी समय से जुड़ी हुई है। शहर की कई इमारतें 1880 के दशक की वास्तुकला से प्रभावित हैं। जोहान्सबर्ग के केंद्रीय व्यापारिक क्षेत्र में कई ऐसी ऐतिहासिक इमारतें हैं, जो उस समय की धरोहर को दिखाती हैं। यहां आने वाले पर्यटक इन इमारतों को देखकर इतिहास के करीब पहुँच सकते हैं और पुराने समय के स्थापत्य कला को महसूस कर सकते हैं।
4. जोहान्सबर्ग का म्यूजियम – हेक्टर पीटरसन म्यूजियम
जोहान्सबर्ग का सबसे प्रसिद्ध म्यूजियम हेक्टर पीटरसन म्यूजियम है, जो ऑर्लैंडो वेस्ट में स्थित है। यह म्यूजियम 1976 के सोवेट यूथ रिवोल्ट के दौरान मारे गए बच्चे हेक्टर पीटरसन की याद में खोला गया था। हेक्टर की हत्या उस समय के नस्लीय संघर्षों का प्रतीक बन गई थी। यह म्यूजियम दर्शाता है कि किस तरह से देश में नस्लवाद के खिलाफ संघर्ष हुआ और लोगों ने अपनी स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी।
द साउथ अफ्रीकन म्यूजियम ऑफ रॉक आर्ट में आपको पुराने समय के पत्थर की नक्काशी देखने को मिलती है, जो आदिमानवों की संस्कृति और जीवनशैली को दर्शाती है। यहां की वस्तुएं बहुत ही प्राचीन हैं और इनमें से कुछ वस्तुएं आदिमानवों से जुड़ी हुई मानी जाती हैं।
5. जोहान्सबर्ग का चिड़ियाघर
जोहान्सबर्ग का चिड़ियाघर दुनिया के सबसे बड़े और विविधतम चिड़ियाघरों में से एक है। यहां लगभग 3000 प्रजातियों के जानवर हैं। इस चिड़ियाघर में सफेद शेर और साइबेरियन बाघ जैसे दुर्लभ प्रजातियों के जानवर भी पाए जाते हैं। यह चिड़ियाघर न केवल जीव-जंतुओं के प्रेमियों के लिए बल्कि पूरे परिवार के लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल है।
6. अपराध और सुरक्षा – बदलता हुआ जोहान्सबर्ग
हालांकि जोहान्सबर्ग को एक समय में सोने की खदानों और समृद्धि के लिए जाना जाता था, अब यह शहर आपराधिक गतिविधियों और अपराधियों का अड्डा बन चुका है। आजकल जोहान्सबर्ग को दुनिया के सबसे खतरनाक शहरों में से एक माना जाता है। यहां की उच्च अपराध दर, सड़क पर होने वाली घटनाओं और सुरक्षा संबंधी समस्याओं ने इस शहर की पहचान को एक अलग मोड़ दे दिया है।
निष्कर्ष
150 साल पहले, जोहान्सबर्ग “सिटी ऑफ गोल्ड” के नाम से प्रसिद्ध था, और यह शहर एक समृद्ध और धनी स्थल था। लेकिन समय के साथ-साथ इस शहर की तस्वीर बदल गई है। आजकल यह शहर अपने समृद्ध इतिहास, खदानों, म्यूजियम और चिड़ियाघर के लिए तो प्रसिद्ध है ही, साथ ही इसके बढ़ते अपराध और सुरक्षा की समस्याओं ने इसकी छवि को काफी प्रभावित किया है।

