आत्म-सुधार के कुछ सर्वश्रेष्ठ सिद्धांत

आत्म-सुधार के सर्वश्रेष्ठ सिद्धांत gyanhans

आत्म-सुधार के कुछ सर्वश्रेष्ठ सिद्धांत

परिवर्तन शृष्टि का नियम हैं। हम हर चीज में लोगों में, परिस्थितियों इत्यादि में अक्सर उस बदलाव को महसूस भी करते हैं। इन बदलावों के बीच अक्सर हमारे मन बिचार और व्यवहार में भी परिवर्तन होना स्वाभाविक है। कभी कभी हमारा आत्मविश्वास इस कदर कम होने लगता है कि हम अक्सर अंदर से बहुत कमजोर होने लगते हैं ऐसे में कुछ आत्मसुधार के सिंद्धान्तों को अपनाकर अपने आत्मविश्वास को बरकरार रखा जा सकता है।

आत्म-सुधार के कुछ सर्वश्रेष्ठ सिद्धांत

आज हर कोई सफलता की रेस में दौड़ रहा है। जब हमारे पास बहुत सारा पैसा या वह सफलता नहीं होती जिसकी अक्सर चर्चा है तो हमारा आत्मविश्वास ख़तम होने लगता है हम खुद को औरो से अलग करने लगते है सफल लोगो से मिलने से भी कतराने लगते हैं। ऐसे में आप अपने आपको को कमजोर न होने दें।

आप अपने बोलचाल और वव्यवहार को न बदलने दे। अपने पहनावे पर ध्यान दे अपने व्यक्तित्व को बनायें रखे, इसके लिए जब भी आप घर से बहार निकलें, अच्छी तरह से इस्त्री किए हुए कपड़े पहनें, अपने बालों को अच्छी तरह से कंघी करें,अपना चेहरा साफ करें और किसी फेस क्रीम का इस्तेमाल करें और पॉलिश किए हुए जूते पहनें, यह चीजें आपके आत्मविश्वास को बनायें रखने में आपकी मदद करेंगी।

अगर आपके पास दोस्त नहीं हैं कोई आपकी समस्याओं और अनुभवों को साझा नहीं करता, आप अकेला महसूस करते है ? कोई बात नहीं है। आप खुद को अपना दोस्त बनाइये और स्वयं से बात करना शुरू करें। स्वयं से आत्मनिरीक्षण, चर्चा, कोई नई योजना, कोई निर्णय और उसपर स्वयं से सलाह लेना, सपने देखना और उसे पूरा करने की कोशिश करना, स्वयं से सवाल पूछना, और स्वयं से उसका जवाब देना, यह आदत धीरे-धीरे विकसित होती जाएगी और एक दिन आप महसूस करेंगे की यह काफी बढ़िया और मजेदार है।

अगर आप किसी चीज में अक्षमता महसूस करते है, आपका एक शौक, या आप किसी भाषा में अकुशल महसूस करते है या कोई विषय या कौशल आपको असंभव प्रतीत होता है तो कोई बात नहीं। इसमें आपको घबराने की कोई आवश्यकता नहीं हैं बस एक शुरुआत करें, हर रोज कुछ नया सीखें, और फिर अगले दिन इसका पुनः अभ्यास करें, और कभी पूर्णता का लक्ष्य न रखें, हमेशा सुधार का लक्ष्य रखें, धीरे धीरे आप पाएंगे की आप बेहतरी की तरफ निकल पड़े हैं।

अगर आपके जीवन की कोई दिशा नहीं है, लक्ष्यों का आभाव है और आप अपने लक्ष्यों का चयन नहीं कर पा रहें हैं, आप भ्रमित है आप सही निर्णय नहीं ले पा रहें है कोई बात नहीं। आप बेतरतीन ढंग से कोई एक रास्ता चुनें और उस पर चलना प्रारम्भ करें जल्द ही आपको एहसास होगा कि आपकी रुचि कहाँ और किसमें है।

अगर आप भविष्य के बारे में चिंतित है, तनावग्रस्त हैं, आपको सब कुछ खाली प्रतीत होता है, आप जीवन में हारे हुए महसूस करते हैं तो कोई बात नहीं, सबसे पहले आप अपनी हार को स्वीकार करें, और आगे के जीवन में आने वाली दयनीय स्थिति को स्वीकार करते हुए, कि जो भी होगा अच्छा होगा और इसी के साथ बिना किसी उम्मीद के लड़ना प्रारम्भ करें।

जीवन में हार के बाद कभी भी न घबराएं और लड़ाई को एक नये उत्साह और जोश साथ शुरू करें, क्योंकि हार के बाद फिर से लड़ाई हमेशा एक नए अनुभव के साथ लड़ी जाती है। इसीलिए लड़ना बंद मत कीजिये। अच्छी बातों का अभ्यास कहीं कहीं न कहीं आपके जीवन को सकारात्मक बढ़ावा देता है।

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