वह शक्ति हमें दो दयानिधे

Vah shakti hamen do वह शक्ति हमें दो दयानिधे

vah shakti hamen do gyanhans

vah shakti hamen do

वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें |

पर सेवा पर उपकार में हम, निज जीवन सफल बना जावें ||

हम दीन दुखी निबलों विकलों के, सेवक बन सन्ताप हरें |

जो हों भूले भटके बिछुड़े, उनको तारें ख़ुद तर जावें ||

छल,द्वेष,दम्भ,पाखण्ड, झूठ, अन्याय से निशदिन दूर रहें |

जीवन हो शुद्ध सरल अपना, शुचि प्रेम सुधारस बरसावें ||

निज आन मान मर्यादा का, प्रभु ध्यान रहे अभिमान रहे |

जिस देश जाति में जन्म लिया, बलिदान उसी पर हो जावें ||

वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें ||

तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो  

जय हनुमान ज्ञान गन सागर 

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