Monday, February 2, 2026

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अकबर-बीरबल की कहानियां – राज्य में कौवे की संख्या

राज्य में कौवे की संख्या – Akbar Birbal की कहानी

बादशाह अकबर के पसंदीदा मंत्री होने के नाते, बीरबल ने उनकी कई समस्याओं का समाधान करते और उनके सभी सवालों के जवाब देते। एक दिन बादशाह अकबर और बीरबल महल के बगीचों में सैर कर रहे थे। गर्मियों की अच्छी सुबह थी और वहाँ बहुत सारे कौवे खुशी-खुशी खेल रहे थे। इतने कौवे को इधर-उधर उड़ते देख अकबर आनंद ले रहे थे।

बहुत देर तक कौवे को देखने के बाद अचानक अकबर के दिमाग में एक सवाल कौंधा। उन्होंने सोचा कि उसके राज्य में कुल कितने कौवे हैं?

क्या अकबर के मन में उठे इस सवाल का जवाब मिलेगा – राज्य में कौवे की संख्या – पढ़ते रहिये।

चूँकि बीरबल उनके साथ थे, इसलिए उन्होंने बीरबल से तुरंत यह प्रश्न किया। बीरबल ने कौवे को देखा और एक पल के विचार के बाद, बीरबल ने उत्तर दिया, “हमारे राज्य में पंचानबे हजार चार सौ साठ-तीन कौवे हैं”।

उसकी त्वरित प्रतिक्रिया से चकित होकर, अकबर ने उसे फिर से परखने की कोशिश की, और बीरबल से कहा – “क्या होगा यदि आपके उत्तर की तुलना में अधिक कौवे हैं?”

बीरबल ने बिना झिझक के उत्तर दिया, “यदि मेरे उत्तर से अधिक कौवे हैं, तो हो सकता है कि कुछ कौवे दूसरे पड़ोसी राज्यों से आ रहे होंगे”।

अकबर ने बीरबल से फिर कहा -“और क्या होगा अगर कम कौवे हैं”। बीरबल ने बड़े बड़े ही होशियारी से जबाब दिया – तो फिर हमारे राज्य से कुछ कौवे छुट्टी पर किसी अन्य स्थानों पर चले गए होंगे”।

बीरबल के इस बुद्धिमानी भरे उत्तर से अकबर बहुत प्रभावित हुए। और मुस्कराते हुए महल की तरफ बढ़ चले।

🌿कहानी से शिक्षा (Moral of the Story):

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हर समस्या का समाधान देखने और सोचने के नजरिए पर निर्भर करता है।
बुद्धिमानी और रचनात्मक सोच से हम किसी भी मुश्किल का हल आसानी से निकाल सकते हैं।

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