Monday, February 2, 2026

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साहूकार की चार बातें: जीवन में सफलता और संबंधों की सीख

साहूकार की चार बातें: जीवन में सफलता और संबंधों की सीख

एक बार की बात है एक गांव में एक साहूकार रहता था। वह अपने व्यापार के क्षेत्र में काफी उन्नति कर चुका था जिसके बदौलत उसके पास धन संपत्ति और किसी भी चीज की कोई कमी नहीं थी। लेकिन एक बात उसे खाये जा रही थी कि उसके मरने के बाद उसका बेटा अपना जीवन कैसे संभालेगा, क्योंकि उसका बेटा दिमाग से बिल्कुल नासमझ था, उसे बाहरी दुनिया की बिल्कुल भी समझ नहीं थी।

कुछ दिन बाद साहूकार का स्वस्थ खराब रहने लगा, अब उसे महसूस हो गया था कि उसकी मृत्यु किसी भी क्षण हो सकती है। तब उसने अपने बेटे को बुलाया और उसे अपना जीवन संभालने के लिए चार बातें सिखाई। पहली बात – बेटा जब भी काम पर जाओ तो छांव में जाना है और छांव में ही घर वापस आना। दूसरी बात -घर के चारों तरफ चमड़ी की बाउंड्री करवाना। तीसरी बात – हमेशा मीठा भोजन करना और चौथी बात -पत्नी को हमेशा बांधकर रखना। उसके बाद वह साहूकार स्वर्ग सिधार गया।

उसका बेटा एक नई जिंदगी की शुरुआत करने लगा। जब उसका काम धंधे पर जाने का समय आया तो उसे अपने पिता की बात याद आई कि पिता ने कहा था कभी भी काम पर जाओ तो सुबह यानी छांव में जाना और छांव में ही वापस आना क्योंकि पैसों की कमी नहीं थी इसलिए उसने यह बात याद करके अपने घर से ऑफिस तक एक बहुत बड़ा टेंट लगवा दिया ताकि धूप सेबच सके।

पिता की ही बात याद करके अपने घर के चारों तरफ भैंस की चमड़ी की बाउंड्री बनवा दिया, जिसकी बदबू से पडोसी भी परेशान रहने लगे। पिता की बात मानकर हमेशा मीठा भोजन ही बनवाता था। एक दिन उसकी पत्नी ने अनजाने में कोई गलती कर दी तो उसका गुस्सा इतना बढ़ा कि वह उसे मारने पर उतारू हो गया। उसे फिर अपने पिता की बात याद आयी कि पत्नी को हमेशा बांध कर रखना। पिता की बात याद करके उसने अपनी पत्नी को रस्सी से बांध दिया और जाने लगा।

उसकी पत्नी ने गुस्से में कहा – रुक जाओ मैं बताती हूं तुम्हारे पिता की चार बातों के सही अर्थ क्या हैं ? पहली बात – काम पर छांव में जाना छांव में आना इसका अर्थ है प्रतिदिन काम पर सूर्योदय से पहले जाना और सूर्यास्त होने के बाद वापस आना ताकि अपने काम से इतने व्यस्त हो जाओ कि दुनिया की मोह माया से दूर रहो। लेकिन तुमने तो घर से ऑफिस तक टेंट लगवा दिया है ताकि तुम धूप से बच सको।

पिताजी की दूसरी बात – घर के चारों तरफ चमड़े की बाउंड्री, इसका मतलब है अपने घर की सुरक्षा के लिए कुत्ता बिल्ली पालना, जो तुम्हारे घर की रखवाली कर सके। लेकिन तुमने तो घर के चारों तरफ भैंस की चमड़ी की बाउंड्री बनवा दी है। तीसरी बात -हमेशा मीठा भोजन करना – इसका अर्थ है एक सूखी रोटी भी संतुष्टि देगी जब किसी को बहुत तेज भूख लगती है, तब वह यह नहीं कहता कि यह तुमने क्या बना दिया है या यह भी कोई खाता है। और तुम मुझसे मीठा भोजन बनवाते हो जो मनुष्य को गंभीर बीमारी की ओर ले जाता है।

चौथी बात पत्नी को हमेशा बांध कर रखना इसका अर्थ जानते हो, इसका मतलब है कि केवल शादी करने से ही पत्नी और पति का संबंध नहीं बन जाता है , तब तक सिर्फ रिश्ता नाम का होता है अगर पति पत्नी के रिश्ते में विश्वास न हो तो या तो वे अलग हो जाएंगे या एक दूसरे के साथ धोखा करेंगे, इसलिए हमेशा इस प्रेम बंधन को मजबूत रखना चाहिए।

🌷 कहानी से सीख (Moral of the Story):

  • मेहनत और समय का सही प्रबंधन।
  • घर और परिवार की सुरक्षा।
  • संतोष और साधारण जीवन का महत्व।
  • रिश्तों में विश्वास और प्रेम को बनाए रखना।

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